नैनीताल नगर पालिका द्वारा दोपहिया वाहनों से टोल (टैक्स) वसूली शुरू किए जाने के फैसले ने शहर में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस फैसले के लागू होते ही स्थानीय जनता, व्यापारियों और यहां पहुंचने वाले पर्यटकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने भी नगर पालिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।नैनीताल विधायक सरिता आर्य ने कहा कि आम जनता को परेशान करने वाले और तुगलकी फरमानों के खिलाफ वो खुद खड़ी है ।भाजपा नेताओं का कहना है कि नैनीताल जैसे पर्यटन नगरी में दोपहिया वाहनों से मनमाने तरीके से टोल वसूला जाना न केवल आम जनमानस के लिए कठिनाई का कारण बना है, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका पर आरोप लगाते हुए भाजपा ने कहा कि पिछले एक-दो वर्षों से नगर पालिका लगातार आम जनता की भावनाओं को नजरअंदाज कर मनमानी कर रही है, जो किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस विरोध में मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की ,जिला उपाध्यक्ष दया किशन पोखरिया,सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत ,दर्जा राज्यमंत्री शांति मेहरा,महिला आयोग सदस्य बिमला अधिकारी,सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया।भाजपा ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि वह तुरंत दोपहिया वाहनों से टोल वसूली का आदेश वापस ले। अन्यथा भारतीय जनता पार्टी नैनीताल सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
