नैनीताल: शहर के तीन स्थानों पर स्थित टोल व डीएसए समेत अन्य पार्किंग स्थल एक बार फिर ठेके पर संचालित हो सकेंगे। नगर पालिका को हाई कोर्ट ने टेंडर की अनुमति दे दी है। जिसके बाद पालिका टेंडर प्रक्रिया में जुट गई है। पालिका ने सभी टोल व पार्किंग में बीते 11 माह में करीब 12 करोड़ की आमदनी की है। ठेका होने के बाद पालिका को जहां एकमुश्त राशि मिल पाएगी वहीं वर्तमान में पार्किंग व टोल में तैनात कर्मी वापस कार्यालय लौटने से कामकाज में तेजी आएगी। बीते वर्ष हाई कोर्ट ने नगर पालिका को स्वयं टोल व पार्किंग का संचालन करने के निर्देश दिये थे। जिसके बाद पालिका ने बोर्ड में प्रस्ताव रख पार्किंग के शुल्क को 110 से बढ़ाकर पांच सौ व टोल को बढ़ाकर तीन सौ कर दिया था। एक साल तक पालिका कर्मी ही पार्किंग व टोल का संचालन कर रहे थे। लेकिन कभी इन स्थलों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा संचालन तो कभी कर्मचारियों द्वारा ही वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत मिल रही थी। समस्या को देखते हुए पालिका की ओर से हाईकोर्ट से पार्किंग व टोल ठेके पर देने की अनुमति मांगी थी।
पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल ने बताया कि कोर्ट ने टेंडर कराने की अनुमति दे दी है। विभागीय स्तर पर तल्लीताल, फांसी गधेरा, बारापत्थर टोल व डीएसए, बीडी पांडे, अंडा मार्केट, बारापत्थर पार्किंग को टेंडर पर दिये जाने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। जल्द टेंडर कर सभी इकाइयों को ठेके पर संचालन शुरु कर दिया जाएगा।
टोल से 7.70 व पार्किंग से कमाए 4.29 करोड़
टोल व पार्किंग स्थलों में वित्तीय गड़बड़ी की शिकायतों के बावजूद पालिका की आमदनी में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। पार्किंग व टोल का शुल्क बढ़ने से पालिका की आमदनी में चार गुना इजाफा देखने को मिला है। पालिका रिकार्ड के मुताबिक बीते अप्रैल से फरवरी माह तक पालिका को टोल टैक्स से 77089620 व डीएसए, बीडी पांडे व बारापत्थर पार्किंग से 42919120 की आय हुई है। वहीं मेंट्रोपोल से भी 15436820 की आय हुई। हालांकि मेट्रोपोल शत्रु संपत्ति होने के कारण आय का 90 प्रतिशत हिस्सा जिला प्रशासन को देना होता है।

